Kirayedar Ki Beti Ki Mast Chudai

hotrehan365 2016-05-19 Comments

Indian Sex Story

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रेहान है दोस्तों में देसी कहानी डॉट नेट पर पिछले कुछ सालों से कहानियों के साथ बहुत मज़े करता आ रहा हूँ और मैंने कहानियाँ बहुत पढ़ी, लेकिन अब में सोच रहा हूँ कि अपनी भी एक कहानी आप लोगों को सुना दूँ।

दोस्तों यह घटना शुरू होती है जब मेरे घर में पहले और नये किरायेदार रहने आए। उनका परिवार बहुत छोटा था और वो परिवार में चार लोग थे पति, पत्नी, एक लड़का और एक लड़की पूजा।

दोस्तों जब में शाम को अपने ऑफिस से घर पर आया तो मुझे मेरी माँ ने बताया कि कल सुबह हमारे घर पर एक नये किरायेदार आने वाले है। में अपनी माँ की कही बात को सुनकर मन ही मन सोचने लगा कि अगर कोई पटाका लड़की या भाभी हुई तो मेरी चाँदी हो जाएगी और फिर हुआ भी ठीक ऐसे ही। मैंने माँ से पूछा कि उनके परिवार में कौन कौन है? तो माँ ने मुझे बताया और अब में उनकी वो पूरी बात सुनकर मन ही मन बहुत खुश हुआ।

फिर अगले दिन सुबह में अपने ऑफिस चला गया और जब में शाम को घर पर आया तो मैंने देखा कि हमारे नये किरायेदार तब तक आ चुके थे, लेकिन मुझे तो अब पूजा को देखना था, लेकिन किस्मत से मुझे सबसे पहले पूजा की माँ मिली जो एक सेक्स मस्त माल थी और उनको देखते ही मेरा मुर्गा अंदर ही अंदर घूमने लगा।

उनकी कमर 34 की बूब्स तो देखने से लग रहे थे कि ब्रा में आ ही नहीं सकते इतनी बड़े आकार के थे। उसे देखकर मेरा मन तो बस यही कर रहा था कि ब्लाउज को फाड़कर बूब्स को अपने मुहं में भरकर चूस लूँ, लेकिन हमारे बीच बस दुआ सलाम हुआ और में अपने कमरे में चला गया।

दोस्तों शाम के करीब 6.30 बजे में अपनी छत पर बैठा हुआ ठंडे मौसम का आनंद ले रहा था, तभी मुझे लगा कि मेरे पीछे कोई है और जब मैंने पलटकर देखा तो एक नाज़ुक सी लड़क जो बहुत सुंदर और मासूम सी है वो खड़ी हुई थी। मैंने उससे हैल्लो किया और अपना हाथ आगे की तरफ बढ़ाया और मैंने कहा कि मेरा नाम समीर है और उसने बोला कि में पूजा।

कसम से दोस्तों दिल ने इतनी ज़ोर से धक्का दिया कि मुझे लगा कि हार्ट अटेक आ गया। उसका फिगर दिखने में कोई ऐसा ख़ास नहीं कमर 28 की बूब्स शायद 30 के, लेकिन वो सुंदर कमाल की थी।

फिर मैंने पूजा को कुर्सी दे दी और उससे बैठने को कहा तो वो बैठ गई और अब हमारी बातें शुरू हो गई धीरे धीरे मुझे उसके बारे में सब पता चला उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है मुझे यह बात जानकर बहुत ख़ुशी हुई और अब मैंने भी धीरे धीरे उससे अपनी दोस्ती को आगे बढ़ानी शुरू कर दी में उसको कभी चोकलेट तो कभी टेडी दे देता।

दोस्तों वो भी अब अच्छी तरह से समझ गई थी कि लड़का लाईन दे रहा है, लेकिन दोस्तों आप भी जानते हो कि किसी भी लड़की को फंसाना इतना आसान काम नहीं है जितना सुनने से लगता है।

अब धीरे धीरे यह भी हो गया अब हम हमेशा शाम को मिलते और घूमते थे। एक दिन मैंने भी थोड़ी हिम्मत करके उसको अपने मन की बात को बता दिया और उसने भी मेरी बात को मान लिया। उसी शाम हम बातें करते करते कब एक दूसरे के इतना करीब आ गए।

हमें पता ही नहीं चला और हमने एक दूसरे को किस किया। उसकी सांसो की गरमी से लगा कि आज मेरा पप्पू तो उल्टी कर ही देगा, लेकिन कंट्रोल रखते हुए हमने सिर्फ़ उस रात किस किया और यह हमारा किस का सिलसिला लगातार चलता रहा।

एक शाम हम दोनों बैठे ही थे कि बारिश शुरू हो गई और पूजा भागकर नीचे जाने लगी। तभी मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया और उसको अपने सीने से लगाकर एक प्यार से उसके होंठो पर किस किया।

किस करते ही वो बेजान हो गई और उसने अपने आपको मुझसे चिपका दिया में भी अब धीरे धीरे हाथ अपना नीचे ले जाकर उसके बूब्स को ऊपर से ही दबाने लगा। उसकी तो आह्ह्ह्ह निकल गई और वो पूरी तरह बैचेन हो गई, लेकिन में अब आज उससे छोड़ने वाला नहीं था।

अब मैंने उसके बूब्स को दबाते हुए अपना एक हाथ उसके पीछे ले जाकर उसकी गांड को दबाने लगा। वो अह्ह्ह्हह उफ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी। तभी मैंने उसको उठाकर अपनी गोद में ले लिया और अब उसने अपने दोनों पैरों से मेरी कमर को पकड़ लिया और में खड़े खड़े उसको किस कर रहा था।

तभी पूजा की माँ उसे बुलाने लगी। कसम से यार लंड पर तो लगा किसी ने तेज़ाब गिरा दिया, लेकिन कोई कुछ कर नहीं सकता था और कई महीनो बाद हमें मौका मिल ही गया, उस दिन ना मेरे घर पर कोई था और ना ही मेरे किराएदार के घर पर। सिर्फ़ पूजा और उसका भाई था.

हमने शाम को बैठकर बातें की और मैंने उससे कहा कि आज रात को में और पूजा साथ रहेंगे, लेकिन पूजा ने कहा कि हम सेक्स नहीं करेंगे, तो मैंने भी कहा कि ठीक है, लेकिन तुम मेरे साथ में तो रहोगी। फिर वो मान गई उफ.. लड़कियों के नखरे, क्या करें? चूत पाने के लिए तो करना ही पढ़ता है।

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